loading...

बेचारा आदमी - जब सर के बाल न आये तो दवाई ढूँढता हैं



बेचारा आदमी - जब सर के बाल न आये तो दवाई ढूँढता हैं।
.
जब आ जाते है तो नाई ढूँढता  हैं।
.
जब सफ़ेद हो जाते है तो डाई ढूँढता  हैं।
.
और जब काले रहते हैं तो लुगाई ढूँढता  हैं।

                    ****************

बचपन में सुना था कि
गर्मी ऊन में होती है।
स्कूल में पता चला
गर्मी जून में होती है।
घर मे पापा ने बताया कि
गर्मी खून में होती है।
ज़िंदगी में बहुत धक्के खाये तब जाकर पता चला कि
गर्मी ना तो खून में, ना जून में और ना ही ऊन में होती है,
गर्मी तो नोटों के जुनून में होती है।