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शराबी और सांप चाहे जितने भी टेढ़े-मेढ़े चलें लेकिन...


परम सत्य...

शराबी और सांप चाहे जितने भी टेढ़े-मेढ़े चलें...
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लेकिन...
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अपने घर में सीधे ही घुसेंगे...!

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मास्टर जी - 'खुशी का ठिकाना न रहा' इस मुहावरे का मतलब बताओ।

पप्पू - खुशी घर वालों से छिपकर रोजाना अपने ब्वॉयफ्रेंड के मिलने जाती थी...

एक दिन उसके पापा ने ब्वॉयफ्रेंड के साथ देख लिया और
खुशी को घर से निकाल दिया!

अब बेचारी खुशी का ठिकाना न रहा...!!!

मास्टर जी बेहोश...