loading...

आज सुबह सुबह थोड़ा सा आध्यात्मिक हो गया


आज सुबह सुबह थोड़ा सा आध्यात्मिक
हो गया
..
और आंखें बंद करके सोचने लगा:

कौन हूँ मैं?
कहाँ से आया हूँ?
क्यों आया हूँ?
..
तभी किचन से आवाज़ आई-
एक नम्बर के आलसी हो तुम,
..
पता नहीं कौन सी दुनिया से मेरा
वक्त खराब करने यहाँ आये हो,
..
उठो और नहाके काम पर जाओ.
..
मेरे तीनों प्रश्नों का बिन मांगे उत्तर मिलने से
मुझे संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति हो गई !!