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आप भी जाने फांसी देने से पहले जल्लाद क्या कहता है कैदी के कान में


निर्भया गैंगरेप के दोषियों विनय शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई है। इसी के साथ ही इन दोषियों को फांसी पर लटकाने का रास्ता भी साफ हो गया है। अब 22 जनवरी को इन्हें फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ हो गया है।  फांसी से जुड़े कई सवाल आपके दिमाग में आते होंगे। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है की जल्लाद फांसी पर लटकाने से पहले कैदी के कान में क्या कहता है?

- फांसी देने से पहले जल्लाद के कानों में कुछ बोलता है और उसके बाद  चबूतरे से जुड़ा लीवर खींच देता है। दरअसल, जल्लाद फांसी देने से पहले अपराधी के कानों में बोलता कि हिंदुओं को राम-राम और मुस्लिमों को सलाम, मैं अपने फर्ज के आगे मजबूर हूं। मैं आपके सत्य के राह पर चलने की कामना करता हूं।

- फांसी सुबह होने से पहले ही दी जाती है। ऐसा इसलिए ताकि सुबह जेल के अन्य कैदियों का काम न रुके। वैसे, अंग्रेजों के जमाने से ही ऐसी व्यवस्था चली आ रही है। साथ ही, इस समय इसलिए भी फांसी दी जाती है, ताकि सुबह कैदी के परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार समयानुसार कर सकें।

- कोर्ट में अपराधी को फांसी की सजा सुनाने के बाद जज पेन की निब तोड़ देते हैं। निब तोड़ना इस बात का प्रतीक है कि अब उस व्यक्ति का जीवन समाप्त हो गया है।

- फांसी देने से पहले व्यक्ति की आखिरी इच्छा भी पूछी जाती है, जिसमें परिजनों से मिलना, अच्छा खाना या अन्य इच्छाएं शामिल होती हैं, जो भी वो अपनी इस जिंदगी के खत्म होने से पहले करना चाहता है।