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चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी इस वजह से बैन नहीं हुआ PUBG


गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है। सरकार ने टिकटाॅक  समेत 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया है। बता दें कि इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चाइनीज एप की एक लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार से अपील की थी।

इसी बीच टिकटॉक बैन होने की खबर के साथ ही शुरुआत में कुछ देर के लिए यह सूचना फैली की पॉपुलर गेम पबजी को भी बैन कर दिया गया है जिससे लोग परेशान हो गये और इसकी सत्यता को लेकर गूगल सर्च करने लगे। हालांकि जब लिस्ट चेक की गई तो पबजी बैन वाली बात झूठ निकली।

PUBG चीनी नहीं, दरअसल साउथ कोरियाई ऑनलाइन वीडियो गेम है। इसे ब्लूव्हेल की सहायक कंपनी बैटलग्राउंड ने बनाया है। इस गेम को शुरुआत में Brendan ने बनाया था, जो कि 2000 की जापानी फिल्म Battle Royal से प्रभावित था। 

चीनी कनेक्शन की बात करें, तो चीनी सरकार ने शुरुआत में PUBG गेम को चीन में इजाजत देने से मना कर दिया था। लेकिन बाद में चीन के सबसे बड़े वीडियो गेम पब्लिशर Tencent की मदद से इसे चीन में  पेश किया गया। इसके बदले PUBG में चीनी Tencent कंपनी को हिस्सेदारी देनी पड़ी। इसके बाद ही PUBG को चीनी सरकार की तरफ से इजाजत मिली। इसे चीन में Game of peace के नाम से पेश किया गया। इसी गेम को साउथ कोरिया में Kakao Games की तरफ से मार्केटेड और डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है।